बिहार की राजनीति में जाति जनगणना को लेकर उथल-पुथल, फिर उठी बात; परिणाम पर्दे में

बिहार की विशिष्ट पहचान यह भी है कि यहां हर बात में राजनीति हो जाती है। किसी एक परिघटना का कोई पक्ष सामने आता है। लेकिन बहुत कुछ पीछे छिप जाता है। इस छिपे हुए पक्ष को लेकर फिर राजनीति शुरू हो जाती है। यह सिलसिला उस समय तक चलता रहता है, जब तक कि कोई दूसरी घटना न हो जाए। कोई नया मुद्दा न मिल जाए। जातिगत जनगणना को लेकर इन दिनों यही हो रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद इसके पक्ष में हैं। उन्होंने पहल की। नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल मिला। यह बड़ी राजनीतिक घटना थी। लेकिन एक समय के बाद यह विषय परिदृश्य में ओझल हो गया था। अब फिर से मुख्य पटल पर आ गया है तो राजनीति भी शुरू हो गई है।

Source : More...
next