यूपी चुनाव 2022: मुलायम सिंह यादव के दुर्ग मैनपुरी में जलवा कायम रखने की चुनौती, चार सीटों में से तीन पर सपा का कब्जा

यादव बाहुल्य मैनपुरी जिले में जीत का एक ही फार्मूला है-जातीय गोलबंदी। यादवों के साथ अन्य पिछड़ी जातियों को मिलाकर सपा जीत का परचम फहराती आ रही है। वर्तमान में चार में से तीन सीटों पर सपा का कब्जा है, जबकि भोगांव पर भाजपा काबिज हैं। भाजपा ने सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के इस दुर्ग को भेदने के लिए सरकार बनने के बाद से ही ताकत झोंकी है। जिले के एकमात्र भाजपा विधायक रामनरेश अग्निहोत्री को कैबिनेट मंत्री बनाने के साथ भोगांव-शिकोहाबाद मार्ग को फोरलेन करने और सैनिक स्कूल का संचालन शुरू कराया। हालांकि इस स्कूल की स्वीकृति सपा सरकार में ही मिली थी।

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वर्चुअली चुनावी प्रचार से मचल उठा इलेक्ट्रानिक्स बाजार

कड़ाके की ठंड के बीच सियासी मैदान में पूरी तरह से गर्माहट है। प्रदेश में चुनावी हलचलें तेज हैं। नेता हों या कार्यकर्ता जुबानी जंग पूरे उफान पर है। पहले चरण के चुनाव की रणभेरी भी बज चुकी है। नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। अलीगढ़ में कांग्रेस और भाजपा की एक सीट को छोड़ दिया जाए तो तकरीबन सभी दलों ने टिकट भी घोषित कर दिए हैं। ऐसे में सभी दल अब धुआंधार प्रचार में कूदने को तैयार हैं। मगर इस बार हाईटेक प्रचार ही प्लेटफार्म बन गया है। इसलिए वर्चुअली चुनावी प्रचार के लिए इलेक्ट्रानिक्स का बाजार भी गर्मा गया है। लैपटाप हो या ईयर फोन, कैमरा हो या स्मार्टफोन हर उपकरण की डिमांड में 25 से 30 फीसद की बढ़ोतरी हुई है।

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पढ़िये- देश के किस शहर को पंडित बिरजू महाराज कहते हैं 'गजब, यहां से जाने का दिल नहीं करता'

आगामी चार फरवरी को पंडित बिरजू महाराज का जन्मदिन था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने जिंदगी को अलविदा कह दिया। पद्म विभूषण, नृत्य शिरोमणि, संगीत नाटक अकादमी सरीखे अनगिनत सम्मानों से सम्मानित पंडित बिरजू महाराज ने रविवार रात आखिरी सांस ली। जिसने भी निधन की खबर सूनी, वो अवाक रह गया। आंखें डबडबा गईं और आवाज भर्रा गई। दिल्लीवालों को सहसा यकीन नहीं हुआ। महाराज जी का दिल्ली से दिली जुड़ाव था। उनके पिता और गुरु समेत चाचा भी दिल्ली से जुड़े थे।

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IIT कानपुर के प्रो. मणींद्र अग्रवाल का दावा, उत्तर प्रदेश में 19 जनवरी और देश में इस तारीख को चरम पर होगी तीसरी लहर

कोरोना संक्रमण के फैलने के अब तक के आंकड़ों के आधार पर पद्मश्री से सम्मानित आइआइटी के प्रो. मणींद्र अग्रवाल

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यूपी चुनाव 2022: कामयाबी के लिए इस बार नए नुस्खे आजमा रही कांग्रेस, मतदाताओं को लुभाने के लिए लगाए ये दांव

उत्तर प्रदेश की सत्ता से तीन दशक से ज्यादा समय से दूर रही कांग्रेस प्रयोगों के सहारे अपने सुनहरे अतीत के गलियारे में दाखिल होने के लिए प्रयासरत है। पिछले विधानसभा चुनाव से जारी यह प्रयोग प्रदेश कांग्रेस संगठन में फेरबदल के स्तर पर हुए और मतदाताओं को लुभाने के लिए पार्टी की गतिविधियों में भी झलके।

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आसान नहीं रही है 'अफसर' से 'माननीय' बनने वालों की राह, कई राजनीति में कूदे लेकिन सफल कुछ ही हो सके

सियासी हुक्मरानों के साथ लंबे समय तक काम करते हुए अधिकारियों के मन में भी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के बीज अंकुरित होने लगते हैं। अभी यूपी के चर्चित पुलिस अधिकारी असीम अरुण ने नौकरी छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली। पूर्व में भी कई अधिकारी रिटायरमेंट के बाद राजनीतिक डगर पर चलने की कोशिश कर चुके हैं। हालांकि, अधिकांश का सफर आगे न जा सका।

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Weather Updates: कड़ाके की ठंड के बीच देश के इन हिस्सों में होगी झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पहाड़ों में हिमपात का दौर जारी है। इस बीच, देश के कई हिस्सों में बारिश का भी अनुमान है।

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तब राजनीति के पीछे होता था सेवाभाव और लोग रास्ते में रोककर मंत्री से करा लेते थे काम

तब के चुनाव की बात ही कुछ और थी। अब पहले जैसे नेता कहां हैं? राजनीति के पीछे समाजसेवा का भाव होता था, अब उद्देश्य बदल गए हैं। बिना खर्च किए चौ. महेंद्र सिंह, चौ. प्यारेलाल और जगवीर सिंह विधानसभा चुनाव लड़े और विधायक बने। ऐसे ही चौ. शिवराज सिंह विधायक बने। वे मंत्री भी बने। इनको रास्ते में रोक कर लोग अपना काम करा लेते थे। अब तो नेताओं से मिलना बड़ा मुश्किल काम हो जाता है। विधायकों के घर घंटों इंतजार करना पड़ता है।

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राजनीतिक दलों के सेनापति को तलाश है जाति का अचूक निशाना साधने वाले ‘अर्जुन’ की

देश में सरकार बनाने के लिए एक-एक सीट मायने रखेगी। मोदी लहर में भी मात्र एक सीट से संतोष करने के बावजूद भाजपा ने विकास के रथ को खूब दौड़ाया। चुनावी बिगुल बजने से ठीक पहले गृहमंत्री अमित शाह ने पूवार्ंचल के कई जिलों में राजनीतिक प्रभाव रखने वाले राजभर मतदाताओं के आराध्य महाराजा सुहेलदेव के नाम पर आजमगढ़ विश्वविद्यालय का शिलान्यास कर असरदार अस्त्र चलाया है।

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यूपी विधानसभा चुनाव 2022 : रामलहर में 1991 में भाजपा का अलीगढ़ में पांच सीटों पर था कब्ज

। सियासी सफर में भाजपा के लिए 1991 काफी मुफीद रहा। भाजपा की स्थापना के बाद सबसे अधिक सीटें इसी वर्ष आई थीं। हालांकि, रामलहर थी। भाजपा ने जिले की पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी। इससे पहले भाजपा को इतनी सीटें नहीं मिली थीं। इस चुनाव में भाजपा के खांटी हिंदुत्ववादी नेताओं ने जीत हासिल की थी। रामलहर का सबसे अधिक फायदा अलीगढ़ को हुआ था। कल्याण सिंह को सूबे की पहली बार कमान मिली थी। शेष दो सीटों पर जनता दल ने जीत दर्ज की थी।

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