China Taiwan Conflict: चीन ताइवान संघर्ष पर आखिर क्‍यों मौन है भारत? क्‍या हैं इसके बड़े निहितार्थ- एक्‍सपर्ट व्‍यू

अमेरिकी कांग्रेस की अध्‍यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा को लेकर भारत ने अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस मामले में वह बहुत संभल कर चल रहा है। उधर, रूस, पाकिस्‍तान और श्रीलंका ने चीन के साथ अपनी दोस्‍ती का निर्वाह करते हुए ड्रैगन के कदम का समर्थन किया है। हालांकि, भारत की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इतना ही नहीं भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिका में उनके समकक्ष एंटनी ब्लिंकन की मुलाकात भी हुई, लेकिन इस मामले में कोई संयुक्‍त बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में सवाल उठता है कि चीन के इस स्‍टैंड पर भारत की नीति क्‍या है। भारत ने पूरे मामले में चुप्‍पी क्‍यों साधी है। भारत ने चीन को क्‍या संदेश दिया है।

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उद्धव ठाकरे के हश्र से सीएम नीतीश ने लिया सबक, शिवेसना जैसा हाल होने के पहले जेडीयू ने तोड़ा बीजेपी से नाता

बिहार में भाजपा (BJP) के साथ रहते हुए नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पिछले कुछ महीने से सहज महसूस नहीं कर रहे थे। लगातार कई ऐसी घटनाएं होती रहीं, जो उनके लिए परेशानी का कारण बनती गईं। इसी दौरान महाराष्ट्र में शिवेसना (Shiv Sena) के नेतृत्व वाली सरकार का हश्र भी उनके सामने था। उद्धव ठाकरे के साथ उनके ही सहयोगी एकनाथ शिंदे ने विद्रोह किया और अंतत: सरकार की विदाई तय हो गई। बिहार में भी नीतीश को भाजपा से इसी तरह का खतरा महसूस होने लगा था।

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जौनपुर की इस मिठाई का स्‍वाद ही अलग, बरसात के मौसम में शौकीनों के बीच बढ़ गई काफी मांग

बारिश में अनरसे का नाम सुनते ही स्वाद के शौकीनों के मुंह में पानी आना स्वाभाविक है। लालाबाजार में दर्जनों दुकानों पर बनने वाली इस मिठाई की महक, इसका स्वाद आज भी अपना रुतबा कायम रखे हुए है। इसका स्वाद जिसने चख लिया वही इसका दीवाना हो गया। अनरसे के शौकीन इसकी मिठास और स्वाद के मुरीद हैं।

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Raksha Bandhan 2022: रक्षाबंधन पर बनाएं ये पांच आसान रेसिपीज, उंगली चाटते रह जाएंगे मेहमान

11 या 12 अगस्त, आप रक्षा बंधन कभी भी मना रही हो लेकिन मिष्ठान की तैयारियों को लेकर अभी से चिंतित होंगी। हां बेशक आप बाजार से भी मिठाइ ला सकती हैं और घर भी भाई की पसंदीदा मिठाई बना सकती हैं। क्योंकि भारतीय त्योहारों में परिवार एक साथ मिलकर पर्व मनाता है। रक्षाबंधन के मौके पर लोगों के घरों में उनके रिश्तेदार, दोस्त और चचेरे, ममेरे भाई बहन एकत्र हो जाते हैं। आपके घर पर भी इस रक्षाबंधन परिजनों की महफिल लगने वाली है तो उनके लिए लंच या डिनर में खास रेसिपीज को शामिल करके त्योहार को सेलिब्रेट कर सकते हैं।

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Independence Day 2022: कासगंज में क्रांतिकारियों ने काट दिए थे टेलीफोन एक्सचेंज के तार

अंग्रेजो भारत छोड़ो आंदोलन कासगंज में भी प्रभावी रहा था। महात्मा गांधी के आह्वान पर 10 अगस्त 1942 को यहां क्रांतिकारियों ने कई सरकारी दफ्तरों पर कब्जा कर लिया था और टेलीफोन एक्सचेंज में पहुंचकर वहां के तार काट दिए थे। चौराहे-चौराहे पर प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान कई क्रांतिकारी गिरफ्तार हुए तो तमाम भूमिगत हो गए। वह भूमिगत रहकर ही आंदोलन को आगे बढ़ाते रहे।

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सड़कों पर ब्लेड-मूंगफली बेची और आज 4 शोरूम के मालिक, आठ वर्ष की आयु में पाकिस्तान से कानपुर आये यशपाल की कहानी

आज हम आजादी के अमृत महोत्सव की खुशियां मना रहे हैं। देश को आजाद हुए 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। हर ओर उल्लास है, लेकिन आर्यनगर निवासी 83 वर्षीय यशपाल अरोड़ा की आंखों के सामने आज भी वह दृश्य आ जाता है जब देश विभाजन के बाद उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ सीमा पार की थी।

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Raksha Bandhan 2022 : वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी राखी की मांग देश-दुनिया में हो रही, घरेलू बाजार से मिला दस लाख से अधिक का आर्डर

जीआई उत्पाद की मांग घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ रही है। वाराणसी के जीआई उत्पादों में प्रमुख गुलाबी मीनाकारी से बने उत्पाद को मोदी-योगी ने बड़ा बाजार उपलब्ध करा दिया है, जो महिलाओं को बड़ी तादात में रोजगार भी उपलब्ध करा रहा है। अब ये हैंडीक्राफ्ट उत्पाद चाइना के उत्पादों को भी मात देने लगे हैं। रक्षा बंधन में गुलाबी मीनाकारी की राखियों की डिमांड देश विदेश से आ रही है।

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आधुनिक दिल्ली की वास्तुकार थीं शीला दीक्षित, 1998 से 2013 तक रहीं मुख्यमंत्री

पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित अक्सर दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर बनाने की बात कहा करती थीं। उन्होंने इसके लिए सिर्फ सपना ही नहीं देखा, बल्कि उसे साकार करने के लिए शिद्दत से पहल भी की थी। फ्लाईओवरों का संजाल, खंभों और जमीन के नीचे तेज भागती मेट्रो, लो-फ्लोर, एसी और सीएनजी चालित बसें, विश्वस्तरीय सुविधायुक्त स्टेडियम, बड़े अस्पताल, बिजली वितरण में सुधार, ये कुछ ऐसे प्रमुख क्षेत्र हैं, जिन्होंने दिल्ली को आधुनिक एवं विश्वस्तरीय राजधानी के रूप में पहचान दी। ये सभी आज जिस रूप में नजर आ रहे हैं, उनमें से ज्यादातर की परिकल्पना दिल्ली में 1998 से 2013 तक मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित ने की थी।

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अपने ही विधायकों और मंत्रियों के आचरण से आहत सीएम भगवंत मान..इन्हीं का हाथ है मुझको बुरा बनाने में!

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आजकल बेहद चिंतित हैं। उनकी इस चिंता की वजह राज्य सरकार की लोकलुभावन नीतियों के चलते सरकार पर बढ़ता वित्तीय बोझ नहीं है। दरअसल भगवंत मान आज स्वयं उन्हीं व्यंग्यात्मक लहजे से बेहद चोटिल महसूस कर रहे हैं, जो कभी उनके अचूक हथियार हुआ करते थे। इसी चिंता में डूबे मुख्यमंत्री ने बीते बुधवार को पार्टी विधायकों और मंत्रियों की एक विशेष मीटिंग बुलाकर उन्हें उचित-अनुचित व्यवहार का पाठ पढ़ाया। मीटिंग के बाद कुछ चुनिंदा करीबी अफसरों से बातचीत में वह राहत इंदौरी साहब की इन पंक्तियों को दोहराते सुनाई दिए, ये चंद लोग जो बस्ती में सबसे अच्छे हैं, इन्हीं का हाथ है मुझको बुरा बनाने में।’

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S-400 and TU-160: भारतीय वायु सेना में शामिल होगा रूस का खतरनाक बाम्‍बर जेट TU-160, दुश्‍मन खेमे में बेचैनी, जानें- खूब‍ियां

रूस के ड‍िफेंस मिसाइल सिस्‍टम एस-400 के सेना में शामिल होने के बाद भारतीय वायु सेना अब रूस से महाविनाशक खतरनाक बाम्‍बर जेटर खरीदने जा रही है। खास बात यह है कि यह चर्चा ऐसे समय हो रही है जब, यूक्रेन जंग और रूसी एस-400 डिफेंस सिस्‍टम को लेकर नई दिल्‍ली और वाशिंगटन के बीच रिश्‍तों में तल्‍खी आई है। एस-400 को लेकर अमेरिका में कई बार भारत के ऊपर प्रतिबंधों की बात उठ चुकी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्‍या इस रक्षा सौदे से भारत और अमेरिका के बीच रिश्‍तों में तनाव पैदा होगा। इसके साथ यह भी जानेंगे कि इस महाविनाशक जेट विमान की क्‍या खासियत है। भारतीय वायु सेना को इसकी जरूरत क्‍यों पड़ी। इस विमान का नाम सुनते ही पाकिस्‍तान और चीन की बेचैनी क्‍यों बढ़ गई है।

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