Qudsia Bagh: दिल्ली के कुदसिया बाग का इतिहास, जहां दुर्गा भाभी ने भगत सिंह को लगाया था खून का तिलक

आजादी की लड़ाई में दिल्ली का वह जगह तब ज्यादा चर्चित हो गया जब भगत सिंह जैसे नामी क्रांतिकारियों के चरण उस जगह पर पड़े। इतना ही नहीं उस जगह की अहमियत और ज्यादा बढ़ जाती है जब उस जगह पर आजादी की लड़ाई से जुड़ी एक खास यादें हो तो। हम बात कर रहे हैं दिल्ली के ऐतिहासिक जगह कुदसिया बाग। ऐतिहासिक कुदसिया बाग का निर्माण आज से लगभग 300 साल पहले यमुना के किनारे निर्माण करवाया गया था। बाग चारदीवारी से घिरा हुआ था और यहां कई ऐतिहासिक इमारतें थी और एक महल था, लेकिन 1857 की क्रांति तथा उसके बाद हुए कई युद्धों के कारण ज़्यादातर इमारतें दशकों पहले गायब हो चुकी हैं। 1857 की क्रांति के बाद इसकी संरचना में कई बदलाव किए गए। वर्तमान में यहां एक प्रवेश द्वार, एक मस्जिद व एक बारादरी या बावड़ी स्थित है।

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PFI: स्पेशल सेल के अधिकारियों ने बताया किस खूंखार आतंकी संगठन की राह पर आगे बढ़ रहा था PFI, कुंडली खंगाली तो खुलते गए राज

पिछले कई वर्षों से देश का माहौल बिगाड़ने में जुटे पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ), आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन के नक्शे कदम पर जा रहा था। दो साल पहले नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भारत सरकार के खिलाफ दिल्ली में महीनों तक प्रदर्शन करने और उत्तर-पूर्वी जिले में भीषण हिंसक दंगे कराने में पीएफआइ की भूमिका ने गृह मंत्रालय को हैरान कर दिया था।

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Congress President Election: बिहार से रहे हैं कांग्रेस के चार अध्‍यक्ष, सोनिया के लिए जबरन हटाए गए थे सीताराम केसरी

कांग्रेस के नए अध्यक्ष (New Congress President) का फैसला 19 अक्टूबर को हो जाएगा। इसके चुनाव को लेकर अशोक गहलौत, शशि थरूर, मुकुल वासनिक, मल्लिकार्जुन खड़गे, दिग्‍वियजय सिंह व केसी वेणुगोपाल के नाम चर्चा में हैं या रहे हैं। बिहार की मीरा कुमार की भी चर्चा है। कांग्रेस के अधिकांश अध्‍यक्ष नेहरू-गांधी परिवार (Nehru-Gandhi Family) से ही रहे हैं, लेकिन स्‍वतंत्रता के बाद बिहार के जगजीवन राम व सीताराम केसरी तथा स्‍वतंत्रता पूर्व हसन इमाम व डा. राजेंद्र प्रसाद इस पद पर रहे थे। इनमें सीताराम केसरी को जबरन पद से हटा दिया गया था।

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बिहार में खुला था PFI के फुलवारीशरीफ टेरर माड्यूल के 'मिशन 2047' का राज, निशाने पर थे PM मोदी

बिहार के फुलवारीशरीफ टेरर मॉड्यूल के सामने आने के बाद पीएफआइ (Popular Front of India) और एसडीपीआइ (Social Democratic Party of India) के नाम चर्चा में आए। भारत को साल 2047 तक इस्‍लामिक राष्‍ट्र बनाने के 'मिशन 2047' का राज खुला। पता चला कि 12 जुलाई को पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के दौरान हमले की साजिश रची गई थी। इसके बाद जब एनआइए और एटीएस ने कार्रवाई शुरू की तो बिहार के कई जिलों में इसका फैलाव मिला। फिर गिरफ्तारियों का सिलसिला चला। ईडी की जांच में टेरर फंडिंग की बात भी सामने आई। संगठन के तार पूरे देश में फैले मिले। अब भारत सरकार ने पीएफआइ पर प्रतिबंध लगा दिया है तो एक बार फिर यह नाम सुर्खियों में आ गया है।

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Popular Front Of India: दिल्ली दंगे के अलावा UP-राजस्थान में भी हुई हिंसा में आ चुका है PFI कनेक्शन

: पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (Popular Front of India) पर आखिरकार केंद्र में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी सरकार ने शिकंजा कस दिया है। दिल्ली समेत देशभर में हुए दंगों में कई बार PFI का नाम सामने आने के बाद इस पर 5 साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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Navratri 2022: मेवाड़ की रक्षा के लिए मुगलों की सेना पर मां की नाभी से निकली मधुमक्खियों ने कर दिया था हमला

राजस्थान में पाकिस्तान की सीमा के नजदीक तनोट माता के मंदिर की ख्याति से ज्यादातर लोग परिचित हैं, जहां 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तान सेना का गिराया एक भी बम नहीं फटा। इसे माता का चमत्कार ही माना जाता है। मेवाड़ की राजधानी रहे उदयपुर की सीमा देबारी में स्थित घाटा रानी का मंदिर मौजूद है। नवरात्रि पर्व में भक्तो की भीड़ लगी रहती है।

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Bhagat Singh Birth Anniversary: दो बार जलाई गई बलिदानी भगत सिंह की चिता, शव अधजला छोड़ भाग गए थे अंग्रेज

बलिदानी भगत सिंह का जीवन आज भारत के युवाओं के लिए बड़ा प्रेरणास्रोत है। इतनी कम आयु में उनके आधुनिक विचारों की इतिहासकार आज व्याख्या करते हैं। हालांकि उनको फांसी दिए जाने और उनके अंतिम संस्कार से जुड़ी कई बातें की जानकारी आज भी आम लोगों को नहीं है।

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Punjab Politics: हड़बड़ी में गड़बड़ी कर बैठी मान सरकार, जारी है जोर-आजमाइश

आम आदमी पार्टी भाजपा पर आपरेशन लोटस के तहत अपने विधायकों को 25-25 करोड़ रुपये में खरीदने का बड़ा आरोप लगा रही है। कहा जा रहा है कि इसे मुद्दा बनाकर आम आदमी पार्टी भाजपा को कठघरे में लाना चाह रही है। ऐसा कर वह गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश के चुनावों में कांग्रेस का विकल्प बनने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसके मंत्रियों में अनुभव की कमी ही उसकी राह में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। दरअसल दिल्ली विधानसभा की तरह पर पंजाब में भी गत 22 सितंबर को विशेष सत्र बुलाकर उसका विश्वास मत हासिल करने का दांव नाकाम हो गया।

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सतत संवाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की रीति-नीति का हिस्सा, एक्सपर्ट व्यू

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गत दिनों अखिल भारतीय इमाम संघ के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी से मस्जिद जाकर भेंट क्या की, उनके अनुरोध पर एक मदरसे का अवलोकन क्या किया, अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। अपने-अपने सोच एवं सुविधा के अनुसार कुछ लोग उसकी मीमांसा करने लगे। उल्लेखनीय है कि संघ प्रमुख पिछले माह ही देश के मुस्लिम बुद्धिजीवियों के एक प्रतिनिधिमंडल से भी मिल चुके हैं, जिनमें पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी, पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, सांसद एवं पत्रकार शाहिद सिद्दीकी, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति जमीरुद्दीन शाह और कारोबारी सईद शेरवानी प्रमुख थे।

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यूपी का वह गांव जहां भगत सिंह ने बनाया था बम, सेंट्रल असेंबली के सभागार में फेंका तो ब्रिटेन तक मचा था हड़कंप

। Bhagat Singh Jayanti 2022 : शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में लोग अपने वीर सपूत को याद कर रहे हैं। आजादी की लड़ाई के सबसे मजबूत सिपाहियों में शुमार सरदार भगत सिंह ने  8 अप्रैल 1929 को नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश हुकूमत की तत्कालीन सेंट्रल असेंबली के सभागार में फेंककर भारत से लेकर इंग्लैंड तक तहलका मचा दिया था।

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